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सन्देश

क्रमांक सन्देश का शीर्षक लेखक
01 प्रार्थना का महत्व डॉ. अजय लाल
02 वायदों से आगे डॉ. अजय लाल
03 असन्तोष डॉ. अजय लाल
04 विषमताएं और परमेश्वर का उद्देश्य डॉ. अजय लाल
05 परमेश्वर का भवन और उसके निर्देश डॉ. अजय लाल
06 क्या बच रहेगा ? डॉ. अजय लाल
07 स्वर्ग: पिता का घर डॉ. अजय लाल
08 हमारे शब्दों का प्रभाव - आज और अनन्त तक डॉ. अजय लाल
09 निर्णय का समय डॉ. अजय लाल
10 परमेश्वर के प्रति गम्भीरता डॉ. अजय लाल
11 आलोचनाओं से आगे डॉ. अजय लाल
12 समर्पण की तीन शर्तें डॉ. अजय लाल
13 प्रार्थना की प्राथमिकता डॉ. अजय लाल
14 समझदार, नासमझ और दुष्ट डॉ. अजय लाल
15 जीवन की पुस्तक डॉ. अजय लाल
16 हमारी भेंटें और भावना डॉ. अजय लाल
17 परमेश्वर के लिए बलिदान डॉ. अजय लाल
18 अन्तर्मन की सामर्थ्य डॉ. अजय लाल
19 अन्धकार के उपहार डॉ. अजय लाल
20 आधी अधूरी ज़िन्दगी डॉ. अजय लाल
21 कलीसिया की विशिष्टता डॉ. अजय लाल
22 क्षमा के चार आयाम डॉ. अजय लाल
23 जब प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं मिलता डॉ. अजय लाल
24 जीवन का उद्देश्य डॉ. अजय लाल
25 निशाने पर नज़र डॉ. अजय लाल
26 परमेश्वर का भय डॉ. अजय लाल
27 परमेश्वर की दृष्टि में मूर्ख डॉ. अजय लाल
28 परमेश्वर के हस्ताक्षर डॉ. अजय लाल
29 परिवर्तन के आयाम डॉ. अजय लाल
30 पहला सा प्रेम डॉ. अजय लाल
31 पुन: स्वप्न देखने का साहस डॉ. अजय लाल
32 प्यार का इज़हार डॉ. अजय लाल
33 प्रभु यीशु : पुनरुत्थान के उस पार डॉ. अजय लाल
34 प्रभु यीशु का अद्वितीय स्मारक डॉ. अजय लाल
35 प्रेम की परिभाषा डॉ. अजय लाल
36 मसीही जीवन और सताव डॉ. अजय लाल
37 यूहन्ना : एक विशिष्ट चरित्र डॉ. अजय लाल
38 राजा सुलैमान और जीवन का रहस्य डॉ. अजय लाल
39 विजय के साथ प्रवेश (पाम सण्डे) डॉ. अजय लाल
40 विश्वास : व्यर्थ का या वास्तविक डॉ. अजय लाल
41 सत्य की समीक्षा : देखा और अनदेखा सच डॉ. अजय लाल
42 स्वयं से कुछ प्रश्न डॉ. अजय लाल
43 हेरोदेस, महायाजक, चरवाहे और हम डॉ. अजय लाल
44 प्रभु यीशु मसीह इस संसार में क्यों आए डॉ. अजय लाल
45 अनोखा यीशु डॉ. अजय लाल
46 परमेश्वर के तीर डॉ. अजय लाल
47 प्रभु के लिए स्थान नहीं डॉ. अजय लाल
48 अनन्त का परिप्रेक्ष्य डॉ. अजय लाल
49 परिवार के लिए डॉ. अजय लाल
50 असफलता की राह से डॉ. अजय लाल
51 दिल की बात डॉ. अजय लाल
52 दो प्रकार का सच डॉ. अजय लाल
53 क्रिसमस के दृश्य में हमारा स्थान! डॉ. अजय लाल
54 महानतम् स्मारक डॉ. अजय लाल
55 हम कितना देते हैं? डॉ. अजय लाल
56 मार्ग मैं हूं डॉ. अजय लाल
57 गर्भपात, एक भयानक पाप है डॉ. अजय लाल
58 मसीही परिवार के प्रमुख स्तम्भ डॉ. अजय लाल
59 परमेश्वर की सामर्थ्य डॉ. अजय लाल
60 भयमुक्त नव वर्ष डॉ. अजय लाल
61 नव वर्ष और हमारे जीवनों का दर्द डॉ. अजय लाल
62 प्रभु यीशु के सात पत्र - आत्मिक हत्या के तीन औज़ार डॉ. अजय लाल
63 प्रभु यीशु के सात पत्र - ख़ामोशी का अपराध डॉ. अजय लाल
64 प्रभु यीशु के सात पत्र - अन्धकार के उपहार डॉ. अजय लाल
65 प्रभु यीशु के सात पत्र - एक अवसर और डॉ. अजय लाल
66 प्रभु यीशु के सात पत्र - पीड़ा की प्रेरणा डॉ. अजय लाल
67 प्रभु यीशु के सात पत्र - प्रारम्भ और समापन डॉ. अजय लाल
68 प्रभु यीशु के सात पत्र - समझौते का रास्ता डॉ. अजय लाल
69 तनावमुक्त जीवन डॉ. अजय लाल
70 अंजीर के वृक्ष के समान डॉ. अजय लाल