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परमेश्वर का वचन सामर्थी है। संसार के किसी भी शक्तिशाली बम से कहीं ज़्यादा सामर्थी। परमेश्वर के वचन मात्र से सारी सृष्टि की सृजना हो गई। इस पीढ़ी के अधिकांश वैज्ञानिक भी उत्पत्ति के संदर्भ में ''बिग-बैंग थ्योरी'' को मान्यता देने लगे हैं। वचन की सामर्थ्य से ही जल और थल अलग-अलग हो गए, आकाश और पृथ्वी बन गए। रात और दिन की परछाइयों को भी वचन की सामर्थ्य ने ही अलग किया। परमेश्वर का वचन दोधारी तलवार है। केवल परमेश्वर का वचन मनुष्य के हृदय और उसके मस्तिष्क को बदल सकता है। यीशु मसीह में भी यह सामर्थ्य हमें देखने को मिलती है। उसके वचन मात्र से आंधी और तूफानी लहरें थम जाती थीं, असाध्य रोगी चंगे हो जाते थे। सृष्टि भी उसका स्वर पहचानती और मानती थी। यहां तक कि उसके वचन से मृतक भी जीवित हो जाते थे। परमेश्वर के इसी सामर्थी वचन पर आधारित सन्देशों की यह वेबसाइट आपके लिए तैयार की गई है। इन सन्देशों के द्वारा आपका प्रचार प्रभावशाली हो, कलीसियाएं मज़बूती पाएं और प्रभु यीशु मसीह के राज्य का विस्तार हो सके, इसी प्रार्थना के साथ यह वेबसाइट प्रभु यीशु मसीह की सेवा में समर्पित है।

प्रभु यीशु मसीह के राज्य के विस्तार में आपका सहयोगी,
डॉ. अजय लाल

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