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मनन

एक नया दिन

2 कुरिन्थियों 5ः17

“अब जो कोई प्रभु यीशु मसीह में है वह नई सृष्टि है” ।

कभी आपने ग़ौर किया कि नया वर्ष आता है, पुराना वर्ष बीत जाता है। नए माह आते हैं, पुराने माह बीत जाते हैं। नया दिन होता है, पुराना दिन बीतता है। सूर्य के प्रकाश के साथ अन्धकार जाता है। एक और नया दिन जीवन में जुड़ जाता है। यह क्यों होता है? यह नया माह, नया वर्ष, नया सप्ताह, ये नए दिन परमेश्वर हमें क्यों देता है?

नए दिन के साथ परमेश्वर हमें अवसर देता है कि जिस प्रकार रात बीत गई, भोर के साथ एक नया दिन प्रारम्भ हुआ, उसी प्रकार हम भी अपने जीवन में कहीं न कहीं, कुछ न कुछ नवीनता ला सकें। जब नया दिन आता है तो यह परमेश्वर की योजना है, यह परमेश्वर का नियम है। इस सूर्य, चन्द्रमा और रात-दिन को परमेश्वर ने ही ठहराया है। परमेश्वर ने ही बनाया है और परमेश्वर नया दिन देता है कि हम अपने जीवनों का भी नवीनीकरण कर सकें। जो पुराना बीत गया है, सो बीत गया, उसको हम अतीत में जाकर सुधार नहीं सकते। जो बीत गया उसको हम परिवर्तित नहीं कर सकते परन्तु जो कुछ नया है, जो कुछ सामने है उसमें परिवर्तन ज़रूर किया जा सकता है।

प्रभु यीशु मसीह ने अपनी शिक्षाओं में कहा, कि वह हमें नया जीवन देने आया। लिखा हुआ है - अब जो कोई प्रभु यीशु मसीह में है वह नई सृष्टि, नया जीवन है। नए जीवन का अर्थ क्या है? एक जीवन जो कि सामान्य जीवन से, औसत जीवन से थोड़ा सा उठकर है। दुश्मन से दुश्मनी करना तो सामान्य बात है पर दुश्मन से प्रेम करना सामान्य बात नहीं है। कोई एक गाल पर चांटा मारता है तो उसे दूसरा चांटा लगा देना आसान है, परन्तु दूसरा गाल फेर देना आसान नहीं। जो श्राप देता है उसे श्राप देना आसान है परन्तु उसे आशीष देना कठिन है। जो गाली देता है, अपशब्द कहता है उसके लिए प्रार्थना करना कठिन है।

प्रभु यीशु मसीह ने कहा, मैं इस संसार में आया कि तुम जीवन पाओ और बहुतायत का जीवन पाओ, वह इसलिए आया कि हम परिपूर्णता का जीवन पाएं, इस संसार के पार अनन्त का जीवन पाएं। इस कारण हम संसार में ऐसा जीवन जिएं कि जब इस संसार से पार हों तो स्वर्गधाम में आपकी आत्मा को प्रभु यीशु मसीह मिले। प्रभु यीशु मसीह उस नए और परिपूर्ण जीवन को जीने के लिए हमको आज भी आमंत्रित करता है।

प्रार्थना - पिता परमेश्वर, अगुवाई दे कि पुराने मनुष्यत्व को अलग करके जीवन में आगे बढ़ सकें और नए जीवन की सी चाल चलने वाले हो सकें। आमीन!